Usne Kaha Tha / उसने कहा था
Usne Kaha Tha / उसने कहा था
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Author: Chandradhar Sharma 'Guleri' / चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी'
Age: 15+
Format: Paperback
Product Description
उसने कहा था हिंदी साहित्य के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाने वाली कहानी है। यह हिंदी की पहली कहानी मानी जाती है, जिसमें पूर्वदीप्ति (फ्लैशबैक) शैली का प्रभावी प्रयोग हुआ है। कहानी में पंजाबी श्रित बोलचाल की जीवंत भाषा का प्रयोग किया गया है, जो पात्रों को वास्तविक बनाता है।
यह कहानी उस दौर की प्रतिनिधि पत्रिका सरस्वती में 1915 में प्रकाशित हुई थी। प्रकाशित होते ही यह कहानी चर्चित हो गई। यह चर्चा हिंदी कहानी की दुनिया में आज भी जारी है। भारत के जिन विश्वविद्यालयों में हिंदी साहित्य पढ़ाया जाता है, वहाँ उसने कहा था कहानी भी अवश्य पढ़ाई जाती है।
इस कहानी की केंद्रीय संवेदना प्रेम तथा विश्वास की भावना है। यह कहानी युद्ध की पृष्ठभूमि पर रचे कथा–विन्यास में संबंधों के विश्वास को रेखांकित करती है। किशोरावस्था का सहज आकर्षण पवित्र स्नेह-संबंध में परिणत होकर भावों के संसार में डूबता-उतरता विशुद्ध कर्त्तव्य भावना का रूप धारण कर लेता है।
कहानी का मुख्य पात्र, लहना सिंह, बचपन में मिली एक लड़की (सूबेदारनी) की रक्षा करने के वादे को प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान अपनी जान देकर निभाता है, मगर कैसे यह तो इस कहानी को पढ़कर ही पता चलेगा।
